देश के माहौल में काफ़ी ज़हर फैल चुका है. दोबारा इस जिन्न को बोतल में बंद करना मुश्किल दिख रहा है."
कुछ इस तरह के बयान दिए थे जाने माने हिंदी फ़िल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने.
अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें अपनी औलाद को लेकर चिंता होती है कि कोई उनसे ये न पूछ दे कि वे हिन्दू हैं या मुसलमान.
उन्होंने कहा था, "मेरे बच्चे ख़ुद को क्या बताएंगे क्योंकि उन्हें तो धर्म की तालीम ही नहीं दी. मुझे इस माहौल से डर नहीं लगता बल्कि ग़ुस्सा आता है.''
लेकिन नसीरुद्दीन शाह की इन बातों से बिलकुल भी इत्तेफ़ाक़ नहीं रखते हैं जाने माने अभिनेता और बीजेपी सांसद परेश रावल.
वो कहते हैं, "नसीर ने ये बात कही, यह इस बात का सबूत है कि इस देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी है. उनके इतना कुछ कहने के बाद भी किसी ने पत्थर उठा कर नहीं मारा, न ही किसी ने आपके बाल पकड़े."
परेश रावल इन दिनों आने वाली अपनी फ़िल्म 'उरी' के प्रमोशन में व्यस्त हैं. परेश रावल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि वो नसीर की बातों से बिल्कुल भी इत्तेफ़ाक़ नहीं रखते.
इसकी वजह बताते हुए वो कहते हैं कि वो जिस सरकार के बारे में बोल रहे हैं उनके मुखिया नरेंद्र मोदी हैं. वो ही नरेंद्र मोदी जिन्होंने 14 साल गुजरात में राज किया.
"मैंने देखा था उस वक़्त मीडिया में एक दिन भी ऐसा नहीं था जब मोदी को अख़बार के पहले पन्ने या आख़िरी पन्ने पर गालियां नहीं मिलती थीं, वो भी पूरे 14 साल तक."
"इन सबके बावजूद भी किसी भी पत्रकार को न कभी रोका गया और न ही उस अख़बार को बंद करने की धमकी दी गई है."
"मोदी का अक्सर यही कहना रहा है कि अगर मुझे गाली देकर आपकी रोज़ी रोटी चलती है तो मैं आपकी ख़ुशी की वजह बन सकता हूं. इतना कुछ होने के बाद भी इन 14 सालों में न गुजरात में कर्फ़्यू लगा और न ही दंगे हुए."
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए परेश रावल कहते हैं कि ऐसे में आप ये कहेंगे कि सरकार हमको सुरक्षित नहीं रखेगी, जेल में डाल देगी, पत्रकारों को जेल में डाल देगी.
"बात है एमनेस्टी इंटरनेशनल पर जो जांच निकली है वो इसलिए क्योंकि इसने घपला किया है. लेकिन क्या उन लोगों की जांच पड़ताल हुई जो मोदी को गाली देते हैं."
"परेश रावल ने अपनी बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि मोदी कुछ नहीं करेंगे उन लोगों को. दूसरी बात कि ये इस बात का सबूत है कि आपको देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी है."
कांग्रेस वाले भी जुड़ गए नसीर के साथ
परेश रावल कहते हैं कि आपने इस देश में बोला, ये इस बात का सबूत है कि आप इस देश में रहते हैं. आप ये देश छोड़ कर नहीं गए.
"आपके बोलने के बाद भी आपको कोई रिएक्शन नहीं हुआ, ये इस बात का सबूत है कि जो आप बोलते हैं, चाहते हैं, समझते हैं वैसे हालात नहीं हैं. किसी ने भी आपको पत्थर उठा कर नहीं मारा, किसी ने भी आपके बाल नहीं पकड़े, किस बात का ख़ौफ़ है?"
"इस बात का दुख होता है कि ऐसी बातों से पाकिस्तान को मौक़ा मिल जाता है, जैसे इस मामले में इमरान ख़ान ने बोल दिया."
"ये तो बहुत अच्छा हुआ कि नसीर भाई ने बोल दिया कि तुम अपना देश संभालो. कांग्रेस वाले भी जुड़ गए बोले नसीर भाई तुम आगे बढ़ो हम तुम्हारे साथ हैं."
कुछ इस तरह के बयान दिए थे जाने माने हिंदी फ़िल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने.
अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें अपनी औलाद को लेकर चिंता होती है कि कोई उनसे ये न पूछ दे कि वे हिन्दू हैं या मुसलमान.
उन्होंने कहा था, "मेरे बच्चे ख़ुद को क्या बताएंगे क्योंकि उन्हें तो धर्म की तालीम ही नहीं दी. मुझे इस माहौल से डर नहीं लगता बल्कि ग़ुस्सा आता है.''
लेकिन नसीरुद्दीन शाह की इन बातों से बिलकुल भी इत्तेफ़ाक़ नहीं रखते हैं जाने माने अभिनेता और बीजेपी सांसद परेश रावल.
वो कहते हैं, "नसीर ने ये बात कही, यह इस बात का सबूत है कि इस देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी है. उनके इतना कुछ कहने के बाद भी किसी ने पत्थर उठा कर नहीं मारा, न ही किसी ने आपके बाल पकड़े."
परेश रावल इन दिनों आने वाली अपनी फ़िल्म 'उरी' के प्रमोशन में व्यस्त हैं. परेश रावल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि वो नसीर की बातों से बिल्कुल भी इत्तेफ़ाक़ नहीं रखते.
इसकी वजह बताते हुए वो कहते हैं कि वो जिस सरकार के बारे में बोल रहे हैं उनके मुखिया नरेंद्र मोदी हैं. वो ही नरेंद्र मोदी जिन्होंने 14 साल गुजरात में राज किया.
"मैंने देखा था उस वक़्त मीडिया में एक दिन भी ऐसा नहीं था जब मोदी को अख़बार के पहले पन्ने या आख़िरी पन्ने पर गालियां नहीं मिलती थीं, वो भी पूरे 14 साल तक."
"इन सबके बावजूद भी किसी भी पत्रकार को न कभी रोका गया और न ही उस अख़बार को बंद करने की धमकी दी गई है."
"मोदी का अक्सर यही कहना रहा है कि अगर मुझे गाली देकर आपकी रोज़ी रोटी चलती है तो मैं आपकी ख़ुशी की वजह बन सकता हूं. इतना कुछ होने के बाद भी इन 14 सालों में न गुजरात में कर्फ़्यू लगा और न ही दंगे हुए."
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए परेश रावल कहते हैं कि ऐसे में आप ये कहेंगे कि सरकार हमको सुरक्षित नहीं रखेगी, जेल में डाल देगी, पत्रकारों को जेल में डाल देगी.
"बात है एमनेस्टी इंटरनेशनल पर जो जांच निकली है वो इसलिए क्योंकि इसने घपला किया है. लेकिन क्या उन लोगों की जांच पड़ताल हुई जो मोदी को गाली देते हैं."
"परेश रावल ने अपनी बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि मोदी कुछ नहीं करेंगे उन लोगों को. दूसरी बात कि ये इस बात का सबूत है कि आपको देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी है."
कांग्रेस वाले भी जुड़ गए नसीर के साथ
परेश रावल कहते हैं कि आपने इस देश में बोला, ये इस बात का सबूत है कि आप इस देश में रहते हैं. आप ये देश छोड़ कर नहीं गए.
"आपके बोलने के बाद भी आपको कोई रिएक्शन नहीं हुआ, ये इस बात का सबूत है कि जो आप बोलते हैं, चाहते हैं, समझते हैं वैसे हालात नहीं हैं. किसी ने भी आपको पत्थर उठा कर नहीं मारा, किसी ने भी आपके बाल नहीं पकड़े, किस बात का ख़ौफ़ है?"
"इस बात का दुख होता है कि ऐसी बातों से पाकिस्तान को मौक़ा मिल जाता है, जैसे इस मामले में इमरान ख़ान ने बोल दिया."
"ये तो बहुत अच्छा हुआ कि नसीर भाई ने बोल दिया कि तुम अपना देश संभालो. कांग्रेस वाले भी जुड़ गए बोले नसीर भाई तुम आगे बढ़ो हम तुम्हारे साथ हैं."
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